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सोमवार, 23 मार्च 2009

गहलोत सरकार के सौ दिन पूरे, कई घोषणाएं

Mar 22, 12:04 am

जयपुर

राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने एक सौ दिन के कार्यकाल में जहां बिजली की दरें पांच साल तक नहीं बढ़ाने और गृहकर माफी की घोषणा कर आम जनता का दिल जीतने का प्रयास किया। वहीं कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर आलोचना भी सहन करनी पड़ी। राज्य की दूसरी बार सत्ता संभालने वाले गहलोत ने 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और रविवार को उनके कार्यकाल के एक सौ दिन पूरे हो रहे हैं।

सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव में जारी किए गए घोषणा-पत्र को आधार बना कर एक सौ दिन की कार्य योजना तैयार कराई। अफसरों को घोषणा-पत्र थमाकर दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण फैसले किए। राज बदलने का अहसास कराने के लिए प्रशासन में आमूलचूल फेरबदल करने की रणनीति के तहत 24 आदेश जारी कर 180 आईएएस अफसरों के तबादले करने के साथ ही 18 आदेश निकाल कर 115 आईपीएस अधिकारियों को बदला गया। इसी तरह से राज्य प्रशासनिक सेवा के 640 अफसरों के तबादले करने के साथ ही निचले स्तर तक राज बदलने का अहसास कराने के लिए विभिन्न विभागों में तबादलों से रोक हटाई गई। तबादलों में कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं की सिफारिशें मानकर उन्हें खुश किया गया। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण करने के साथ 13 दिसंबर से राज्य सरकार ने काम करना शुरू किया। सौ दिवसीय कार्ययोजना तैयार की गई। इस बीच 2 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई। इस प्रकार सरकार को सौ के स्थान पर मात्र 80 दिन ही काम करने का मौका मिला। सरकार के सौ दिन के कार्यकाल के दौरान भाजपा के प्रमुख नेताओं व अन्य लोगों की शिकायत पर पूर्व सरकार के कामों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने पर विवाद हुआ। इसी प्रकार निजी शिक्षण संस्थाओं की ओर से शुल्क बढ़ाने पर भी कमेटी बनाई गई, जो कि तमाम विवाद के बीच अब तक निर्णय नहीं कर पाई है। सौ दिवसीय कार्यकाल के दौरान दो बार सरकार को गोली चलानी पड़ी। इस दौरान प्रमुख रूप से बसपा नेता वीरेंद्र न्यांगली की हत्या का विवाद सबसे लंबा चला, जिस पर अब भी विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा सड़क हादसों, चोरी, लूट व हत्या के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सौ दिन में सरकार में दो बार शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर 13 कैबिनेट व 11 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों को संसदीय सचिव भी बनाया गया।

उपलब्धियां

- शराब की दुकानों के खुलने का समय घटाया, धार्मिक व सामाजिक स्थलों से दुकानें हटवाईं।

- शराब की दुकानों की संख्या में कमी।

-मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष के तहत बीपीएल को निशुल्क चिकित्सा।

- किसानों की बिजली की दरें पांच साल तक नहीं बढ़ाने का निर्णय।

- 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए नए पावर प्लांट।

- गन्ना खरीद की कीमत बढ़ाई

-गृहकर माफी चुनाव बाद

- वार्षिक योजना 17300 करोड़ रुपये

- चतुर्थ श्रेणी व अन्य कर्मचारियों की। एक से छह स्केल की भर्ती पर रोक हटाई

- शिक्षा के तहत 11 जिलों में रेडियो के माध्यम से साक्षर करने का अभियान।

-16 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी।





गुरुवार, 29 जनवरी 2009

कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन होगी सोनिया की रैली

जयपुर । प्रदेश कांग्रेस ने अपनी सुप्रीमो सोनिया गांधी की तीन फरवरी को जयपुर में होने वाली रैली से जुडी तैयारियां तेज कर दी हैं। विधानसभा चुनाव में जीत के लिए जनता व कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने और लोकसभा चुनाव के शंखनाद के लिए आयोजित रैली को कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन मान रही है। 
इसके साथ ही सत्ता व संगठन परिसीमन से बनी लोकसभा सीटों की नई राजनीतिक गणित जानने में भी जुट गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.सी.पी. जोशी ने बुधवार से संसदीय क्षेत्रवार बुलाए प्रमुख पार्टीजनों से फीडबैक लेकर प्रत्याशियों की तलाश भी शुरू कर दी। 
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को पहले दिन तीन संसदीय क्षेत्रों जयपुर ग्रामीण, दौसा व जयपुर शहर के प्रमुख कांग्रेसजनों को बुलाया गया।
ऎतिहासिक होगी रैली
बैठक के बीच पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जयपुर में सोनिया गांधी की शानदार रैली होगी, उसी की तैयारियां की जा रही हैं। परिसीमन से बदली परिस्थितियों के हिसाब से उम्मीदवारों व चुनावी अभियान पर चर्चा की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.जोशी ने कहा कि पार्टी सोनिया की रैली को ऎतिहासिक बनाना चाहती है। बदली राजनीतिक परिस्थितियों और रैली की तैयारियों के लिए तीन फरवरी से पहले जयपुर समेत आसपास के 9 संसदीय क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। 
घोषणा से पहले टिकट
भाजपा ने फरवरी के पहले सप्ताह में टिकट बांट देने का ऎलान किया है, कांग्रेस कब बांटेगीक् इस सवाल के जवाब में डॉ.जोशी ने कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पार्टी उम्मीदवार तय कर देगी। 

मंगलवार, 20 जनवरी 2009

गहलोत ने साधा वसुंधरा-बैंसला पर निशाना


जोधपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व कर्नल किरोडीसिंह बैंसला गुर्जर आरक्षण के नाम पर वैमनस्य फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। गुर्जर समाज को उसका हक मिले, इस पर किसी को ऎतराज नहीं है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया से ही कुछ किया जा सकता है। 
गहलोत ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा अपनी हार पचा नहीं पा रही है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री व कर्नल बैंसला घिनौना षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन जनता इसे समझ चुकी है। गहलोत ने कहा कि अफसोस की बात है कि सेना में कर्नल रह चुके बैंसला के नेतृत्व में इतने बडे पैमाने पर हिंसा हो गई। 
जिस सरकार की वजह से समाज के 71 लोग मरे, विधानसभा चुनाव में उसके समर्थन में बैंसला की अपील जारी हुई। अब भी जो किया जा रहा है, उसे जनता समझ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जातियों में संघर्ष के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी। सरकार कोशिश कर रही है कि पिछले आन्दोलन के दौरान मीणा व गुर्जर समाजों के बीच आई दरार मिटे। दोनों के बीच नजदीकियां बढे और दोनों ही जातियां भाईचारे से रह सके।
भ्रष्टाचार की जांच शीघ्र
गहलोत ने कहा कि पूवसरकार के वक्त हुए भ्रष्टाचार की जांच का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। जांच के लिए आयोग बनाने की बजाय मुकदमे दर्ज करने के पूर्व उप राष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत के बयान पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात कहने का हक है। सरकार सभी विचारों को ध्यान में रखकर फैसले करती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार बदले की भावना से कोई कदम नहीं उठाएगी, बल्कि सभी पहलुओं की जांच कर सच्चाई सामने लाएगी, कार्रवाई करना कानून और न्यायपालिका का काम है। 
कमी पिछली बार भी नहीं थी
कांग्र्रेस घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज के तौर पर लागू करने के बावजूद 2003 में कांग्र्रेस की करारी हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमी पिछली बार भी नहीं रखी थी और इस बार भी नहीं रखेंगे। वे बोले- "हमनें जो कहा है, करके दिखाएंगे।" 
नरेगा के लिए मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित नरेगा के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करेगी, ताकि वास्तविक लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
रिफाइनरी के लिए नए सिरे से बात
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि बाडमेर में रिफाइनरी के मुद्दे पर पूर्व सरकार की तरह राजनीति करने की बजाय केन्द्र से नए सिरे से बात कर रही है। यह मुद्दा कांग्र्रेस के घोषणा पत्र में शामिल है और इसके अनुरूप कोई कसर नहीं छोडी जाएगी। 
गहलोत ने सोमवार सुबह यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाल ही उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवडा से बात की है और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
बिजली उत्पादन पर जोर
गहलोत ने कहा कि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में 1350 मेगावाट की चार इकाइयां छबडा व सूरतगढ तथा निजी क्षेत्र में 1320 मेगावाट की इकाई बांसवाडा में लगाई जा रही है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गत सरकार की लापरवाही से महंगी बिजली खरीदने में तीन हजार करोड रूपए बर्बाद हो गए।
बदलेगी आबकारी नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आबकारी नीति में बदलाव किया जाएगा, ताकि यहां शराब के नशे को प्रोत्साहन की बजाय हतोत्साहित किया जा सके। शराब की दुकानें कम करने के साथ शराब के विज्ञापनों पर अंकुश व देशी-विदेशी मदिरा की बिक्री एक ही दुकान पर सुनिश्चित की जाएगी।
न्याय अवश्य मिलेगा
मेहरानगढ दुखान्तिका की जांच के सवाल पर गहलोत ने कहा कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पीडितों को न्याय अवश्य मिलेगा।
मेटी करेगी निर्णय
आईआईटी, आईआईएम, केन्द्रीय विवि व विश्व स्तरीय विवि जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं के बारे में सरकार कमेटी बनाकर ही कोई निर्णय करेगी। केन्द्रीय विवि पर जोधपुर के दावे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए पहली आवाज खुद उन्होंने उठाई थी। 

शुक्रवार, 16 जनवरी 2009

36 आईएएस अफसर बदले

जयपुर। राज्य सरकार ने गुरूवार देर रात उच्च स्तर पर भारी प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 36 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। बहुप्रतीक्षित इस तबादला सूची में राकेश हूजा को ओटीएस से हटाकर अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एवं विकास आयुक्त के पद पर लगाया गया है। किरण सोनी गुप्ता को जयपुर का सम्भागीय आयुक्त बनाया गया है। इनके अलावा उदयपुर, कोटा एवं जोधपुर के सम्भागीय आयुक्त भी बदल दिए गए हैं।
राकेश हूजा- अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास),एवं विकास आयुक्त, एस. अहमद- अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान वित्त निगम, अतुल कुमार गर्ग- प्रमुख शासन सचिव, साहित्य, कला एवं संस्कृति, एल.पी. कोठ्यारी- प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, वी. एस. सिंह- प्रमुख शासन सचिव, पर्यावरण एवं अध्यक्ष राज. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सी.एस.राजन- प्रमुख शासन सचिव, उद्योग विभाग, रामलुभाया- प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन, जन स्वा.अभियांत्रिकी, इंगानमं, जी.एस. संधु-प्रमुख शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, अशोक संपत राम- प्रमुख शासन सचिव, राजस्व, उपनिवेशन, वक्फ एवं सैनिक कल्याण विभाग, अशोक शेखर- प्रमुख शासन सचिव, न्याय विभाग, जीएस सन्धु (पदस्थापन की प्रतीक्षा से लौटने पर)- प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन एवं आवासन विभाग, आर.पी.जैन- प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा, अशोक जैन- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आर.यू.डी.ए., रोहित ब्रान्डन- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजसीको, दिनेश कुमार गोयल- प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, अशोक सिंघवी- प्रमुख शासन सचिव, प्रशासनिक सुधार, समन्वय, जन अभियोग निराकरण, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग, पुरूषोत्तम अग्रवाल- प्रमुख शासन सचिव, सिंचित क्षेत्र विकास एवं प्रमुख शासन सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन, डी.बी.गुप्ता- प्रमुख शासन सचिव, देवस्थान, ओ.पी.सैनी- प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन, मत्स्य, एवं डेयरी, डॉ.गोविन्द शर्मा- प्रमुख शासन सचिव, खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग, मुकेश शर्मा- रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग, बी.एन.शर्मा- आयुक्त वाणिज्य कर विभाग, जे.सी. मोहन्ती- आयुक्त कृषि विभाग, किरण सोनी गुप्ता- सम्भागीय आयुक्त, जयपुर, मधुकर गुप्ता, आयुक्त भू-जल विकास एवं मृदा संरक्षण विभाग, जे.पी.चंदेलिया- सम्भागीय आयुक्त, जोधपुर, राजेश्वर सिंह- प्रबंध निदेशक, हाथकरघा निगम, निरंजन कुमार आर्य- आयुक्त एवं पदेन सचिव, परिवहन विभाग, समीर सिंह चन्देल-आयुक्त, विभागीय जांच, जयपुर, सुधांश पंत-अध्यक्ष व प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम, जयपुर, अखिल अरोडा-प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान स्टेट माइन्स एवं मिनरल लि., उदयपुर, आलोक-प्रबंध निदेशक, रीको, अपर्णा अरोडा-सम्भागीय आयुक्त, उदयपुर, पी.एल. अग्रवाल-सम्भागीय आयुक्त, कोटा, नरेशपाल गंगवार-विशिष्ठ शासन सचिव, ऊर्जा विभाग,के.के. पाठक-निदेशक, सामाजिक न्याय विभाग एवं पदेन उप शासन सचिव ।
आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव(द्वितीय) श्रीमत पाण्डे का पदनाम बदल कर प्रमुख सचिव(द्वितीय) मुख्यमंत्री व प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा विभाग किया गया है। 

शनिवार, 3 जनवरी 2009

जयपुर (एसएनबी)। सरकार ने अलग-अलग आदेश जारी कर भारतीय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में सचिव स्तर के सात अधिकारियों को प्रमुख सचिव के पद पर जबकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के छह अफसरों का तबादला किया गया है। स्थानांतरित किए गए छह आईपीएस में दो पदोन्नत हुए हंै।
आदेश के अनुसार छह आईएएस अधिकारियों को मौजूदा स्थानों पर ही रखा गया है जबकि ललित मेहरा का तबादला करते हुए इंदिरा गांधी नहर परियोजना में अध्यक्ष बनाया गया है। पदोन्नत अफसरों में मुख्यमंत्री के सचिव श्रीमत पाण्डे अब सीएमआ॓ में प्रमुख सचिव द्वितीय होंगे। टी. श्रीनिवासन प्रमुख सचिव प्रथम कहलाएंगे। डॉ. गोविंद शर्मा प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव, मुकेश कुमार शर्मा वाणिज्यिक कर आयुक्त, प्रीतम सिंह संभागीय आयुक्त बीकानेर, रश्मि प्रियदर्शिनी प्रमुख आवासीय आयुक्त तृतीय दिल्ली तथा बीएल आर्य प्रमुख वन सचिव होंगे।
दूसरे आदेश में आईपीएस अधिकारी एमके देवराजन को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेंस), अरविंद कुमार जैन को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुनर्गठन एवं दूरसंचार), मनोज भट्ट को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आयोजना एवं कल्याण) तथा अजीत सिंह को पुलिस महानिदेशक (अपराध) के पद पर लगया गया है। जारी आदेश में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी कपिल गर्ग तथा सुधीर प्रताप सिंह को अतिरिक्त महानिदेशक पद पर पदोन्नत किया गया है। सरकार ने एक अन्य आदेश जारी कर भारतीय वन सेवा के पांच अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया है। जारी आदेश में अरिन्दम तोमर को वन संरक्षक (आईटी, जयपुर), आ॓सी चंदेल को वन संरक्षक, स्टेज-प्रथम (आईजीएनपी, बीकानेर), तेजवीर सिंह को वन संरक्षक डीपीएपी (जोधपुर), वेंकटेश शर्मा को उप वन संरक्षक जयपुर (उत्तर) तथा वाईसी शर्मा को उप वन संरक्षक, सामाजिक वानिकी (अलवर) के पद पर लगाया गया है। सरकार ने एक आदेश जारी कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी महेंद्र सोनी का मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव पद पर तबादला किया है। इसके साथ ही एक अन्य आदेश जारी कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के तबादले किए। दिनेश कुमार जांगिड़ को कोटपूतली तथा भीम सिंह को ब्यावर में उपखंड अधिकारी लगाया गया है।