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गुरुवार, 12 फ़रवरी 2009

बांसवाड़ा में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

जयपुर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दोबारा सत्ता संभालने के बाद पहली बार जब उन्होंने बांसवाड़ा की सरजमीं पर पैर रखा। उनके आगमन पर भव्य स्वागत से आदिवासी क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। जैसे ही मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अनास नदी के मुहाने पर बने हेलीपेड पर उतरे, हजारों ग्रामीणों ने हर्ष ध्वनि और उमंग के साथ उनकी जोशपूर्ण अगवानी की। बड़ी संख्या में ढोल-कुंडिया
,शहनाइयों और लोक वाद्यों की कर्णप्रिय गूंज और जय -जयकार के साथ उनका भावभीनी स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हाथ लहरा कर सैकड़ों ग्रामीणों का अभिवादन किया। मौका था अनासपार की ग्राम पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन की सुविधा के लिए गांगड़तलाई में अनास नदी पर बनने वाले पुल के शिलान्यास का। ग्रामीणों की बरसों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री दोपहर बाद एक बजे हेलीकाप्टर से नांगड़तलाई हैलीपेड पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ. सीपी जोशी भी थे। उन्होंने चार करोड़ 27 लाख 85 हजार की लागत से बनने वाले इस पुल का शिलान्यास किया। अनासपार की ग्राम पंचायतों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन और यातायात की सहज सुविधा के द्वार खुलने की खुशी इन ग्रामीणों के चेहरों पर साफ नजर आ रही थी। आदिवासी क्षेत्रों में गांवों और पहाड़ों से होकर आदिवासी समूहों में लोक वाद्य बजाते, गाते थिरकते हुए पहुंचे। अनास नदी के मुहाने हुए कार्यक्रम में नदी के दोनों तटों की ओर बसे गांवों के लोगों का मेला जुट गया। सभास्थल के चारों तरफ की पहाड़ियों पर भी जन समुदाय उमड़ पड़ा। पुल की सुविधा से वंचित दूसरी ओर के गांवों के ग्रामीण पानी में उतर कर नदी पार कर समारोह स्थल तक पहुंचे। मुख्यमंत्री की अगवानी प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री महेन्द्र जीत सिंह मालवीया ने की। विधायक अर्जुन सिंह बामनिया एवं कान्ता गरासिया, समाजसेवी अभय सिंह भगत, दिनेश खोड़निया सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर विकास एस.भाले तथा जिला पुलिस अधीक्षक एनएल मौर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया तथा इसके बाद दोपहर पौने दो बजे हेलीकाप्टर से बांसवाड़ा के लिए प्रस्थान कर गए

मंगलवार, 20 जनवरी 2009

पीडितों की सहायतार्थ प्रकोष्ठ बनेगा

जोधपुर। मेहरानगढ मंदिर दु:खान्तिका के पीडित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार अलग से प्रकोष्ठ स्थापित करेगी। यह प्रकोष्ठ हादसे से पीडित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई और इसका निस्तारण करेगा।
यहां मानजी का हत्था स्थित राजीव गांधी स्मृति पुस्तकालय परिसर में सोमवार सवेरे भारत सेवा संस्थान की ओर से पीडित परिवारों की बेटियों को सहायता राशि के तौर पर एफडीआर भेंट करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह घोषणा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मेहरानगढ हादसे के पीडितों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। फिलहाल ऎसे परिवारों की सहायता के लिए 9 करोड 83 लाख 6 हजार 362 रूपए का राहत पैकेज तय किया गया है। इसमें से कुछ इमदाद पीडितों तक पहुंच गई है, साल के आखिर तक दीगर सुविधाएं भी दी जाएंगी।
उन्होंने बीते साल सितम्बर के आखिरी दिन जोधपुर में घटी दुर्घटना को त्रासदी की संज्ञा देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा ने भी मेहरानगढ हादसे को सदी की सबसे भयावह दुर्घटना करार दिया। 
उन्होंने इससे उबरने में सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि पीडित परिवारों की मदद करना सभी का दायित्व है। हादसे के बाद से मुख्यमंत्री गहलोत की सक्रियता की भी उन्होंने मुक्तकंठ से सराहना की। बाद में संस्था की ओर से पीडित 118 परिवारों की 171 अविवाहित बेटियों को 25 हजार रूपए की एफडीआर वितरित की गई। 

गहलोत ने साधा वसुंधरा-बैंसला पर निशाना


जोधपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व कर्नल किरोडीसिंह बैंसला गुर्जर आरक्षण के नाम पर वैमनस्य फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। गुर्जर समाज को उसका हक मिले, इस पर किसी को ऎतराज नहीं है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया से ही कुछ किया जा सकता है। 
गहलोत ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा अपनी हार पचा नहीं पा रही है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री व कर्नल बैंसला घिनौना षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन जनता इसे समझ चुकी है। गहलोत ने कहा कि अफसोस की बात है कि सेना में कर्नल रह चुके बैंसला के नेतृत्व में इतने बडे पैमाने पर हिंसा हो गई। 
जिस सरकार की वजह से समाज के 71 लोग मरे, विधानसभा चुनाव में उसके समर्थन में बैंसला की अपील जारी हुई। अब भी जो किया जा रहा है, उसे जनता समझ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जातियों में संघर्ष के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी। सरकार कोशिश कर रही है कि पिछले आन्दोलन के दौरान मीणा व गुर्जर समाजों के बीच आई दरार मिटे। दोनों के बीच नजदीकियां बढे और दोनों ही जातियां भाईचारे से रह सके।
भ्रष्टाचार की जांच शीघ्र
गहलोत ने कहा कि पूवसरकार के वक्त हुए भ्रष्टाचार की जांच का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। जांच के लिए आयोग बनाने की बजाय मुकदमे दर्ज करने के पूर्व उप राष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत के बयान पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात कहने का हक है। सरकार सभी विचारों को ध्यान में रखकर फैसले करती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार बदले की भावना से कोई कदम नहीं उठाएगी, बल्कि सभी पहलुओं की जांच कर सच्चाई सामने लाएगी, कार्रवाई करना कानून और न्यायपालिका का काम है। 
कमी पिछली बार भी नहीं थी
कांग्र्रेस घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज के तौर पर लागू करने के बावजूद 2003 में कांग्र्रेस की करारी हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमी पिछली बार भी नहीं रखी थी और इस बार भी नहीं रखेंगे। वे बोले- "हमनें जो कहा है, करके दिखाएंगे।" 
नरेगा के लिए मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित नरेगा के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करेगी, ताकि वास्तविक लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
रिफाइनरी के लिए नए सिरे से बात
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि बाडमेर में रिफाइनरी के मुद्दे पर पूर्व सरकार की तरह राजनीति करने की बजाय केन्द्र से नए सिरे से बात कर रही है। यह मुद्दा कांग्र्रेस के घोषणा पत्र में शामिल है और इसके अनुरूप कोई कसर नहीं छोडी जाएगी। 
गहलोत ने सोमवार सुबह यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाल ही उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवडा से बात की है और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
बिजली उत्पादन पर जोर
गहलोत ने कहा कि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में 1350 मेगावाट की चार इकाइयां छबडा व सूरतगढ तथा निजी क्षेत्र में 1320 मेगावाट की इकाई बांसवाडा में लगाई जा रही है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गत सरकार की लापरवाही से महंगी बिजली खरीदने में तीन हजार करोड रूपए बर्बाद हो गए।
बदलेगी आबकारी नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आबकारी नीति में बदलाव किया जाएगा, ताकि यहां शराब के नशे को प्रोत्साहन की बजाय हतोत्साहित किया जा सके। शराब की दुकानें कम करने के साथ शराब के विज्ञापनों पर अंकुश व देशी-विदेशी मदिरा की बिक्री एक ही दुकान पर सुनिश्चित की जाएगी।
न्याय अवश्य मिलेगा
मेहरानगढ दुखान्तिका की जांच के सवाल पर गहलोत ने कहा कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पीडितों को न्याय अवश्य मिलेगा।
मेटी करेगी निर्णय
आईआईटी, आईआईएम, केन्द्रीय विवि व विश्व स्तरीय विवि जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं के बारे में सरकार कमेटी बनाकर ही कोई निर्णय करेगी। केन्द्रीय विवि पर जोधपुर के दावे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए पहली आवाज खुद उन्होंने उठाई थी। 

शुक्रवार, 9 जनवरी 2009

गरीब शंकरलाल को मिला मुख्यमंत्री का सहारा

जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दिल गरीब शंकरलाल सोनी की इलाज की गुहार सुनकर पसीज गया। मुख्यमंत्री की आर्थिक सहायता और निर्देश पर सोनी के दिल का ऑपरेशन हुआ और गुरूवार को एसएमएस अस्पताल से उसे छुट्टी मिल गई। अधिकृत सूत्रों के अनुसार श्रीगंगानगर निवासी ह्वदयरोगी सोनी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री निवास पर हुई जनसुनवाई में इलाज नहीं करवा सकने की मजबूरी बयां की थी। 
जनसुनवाई के दौरान ही गहलोत ने सोनी के उपचार के लिए 2 लाख 70 हजार रूपए स्वीकृत कर एसएमएस अस्पताल के ह्वदय रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. राजीव बगहरट्टा को ऑपरेशन करने के निर्देश दिए थे। बीपीएल कार्डधारी सोनी तंगी के चलते कई वर्षो से इलाज नहीं करवा पा रहा था। ह्वदय की मांसपेशियां शिथिल होने से उसकी पम्पिंग क्षमता सिर्फ 25 प्रतिशत ही रह गई थी। इससे बार-बार उसे अस्पताल में भर्ती होना पडता और पांच बच्चों की परवरिश में भी परेशानी होती।
एसएमएस अस्पताल के डॉ. राजीव बगहरट्टा ने उसे नवीनतम विधि (सी.आर.टी.) से उपचार करवाने के लिए कहा था। इस विधि से पेसमेकर से ह्वदय को सम्बल दिया जाता है और रोगी की स्थिति बेहतर बन जाती है, लेकिन यह सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण सोनी खर्चे के डर से इलाज को टाल रहा था।