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बुधवार, 1 अप्रैल 2009

"कांग्रेस का हाथ मजबूत करें"


जालोर। जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में बुधवार को स्टेडियम में आयोजित चुनावी सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता से लोकसभा चुनावों में जीताकर कांग्रेस का हाथ मजबूत करने का आह्वान किया।दोपहर करीब दो बजे हेलीकॉप्टर से जालोर पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत ने स्टेडियम में बडी संख्या मे जुटी भीड को संबोघित करते हुए मनमोहन सरकार की खूबियां गिनाई। उन्होंने कहा कि पांच साल में इस सरकार ने कई ऎसे जनहित के काम किए हैं जिससे देश का सर्वागीण विकास हुआ।

उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी संध्या चौधरी का हवाला देते हुए कहा कि इस पार्टी में कार्यकर्ता को कितनी तवज्जो मिलती है इससे बडा क्या उदाहरण हो सकता है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी बनाने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने प्रदेश मे सत्ता सौंपने के बाद केन्द्र में भी कांग्रेस का परचम लहराने के लिए जनता से सहयोग मांगा। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा ने कांग्रेस को आम आदमी की पार्टी की बताते हुए केन्द्र में दोबारा सत्ता सौंपने का जनता से आह्वान किया।

कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती संध्या चौधरी ने उम्मीदों पर खरा उतरने का आश्वासन देते हुए चुनाव में समर्थन मांगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह, प्रदेश सचिव पुखराज पाराशर, रानीवाडा विधायक रतन देवासी, जालोर विधायक रामलाल मेघवाल, जिला प्रमुख मंजू मेघवाल, सिरोही जिला प्रमुख अनाराम बोराणा, आहोर प्रधान भंवरलाल मेघवाल व महामंत्री जबरसिंह भोमिया ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व हेलीपेड पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह, प्रदेश सचिव पुखराज पाराशर, कांग्रेस प्रत्याशी संध्या चौधरी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा व कांग्रेस नेता सचिन पायलट की अगुवानी की।

सभा के दौरान आहोर विधायक भगराज चौधरी, युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव मोहनकुमार विश्नोई, सिरोही जिलाध्यक्ष गंगाबेन गरासिया, पाली से कांग्रेस प्रत्याशी बद्रीराम जाखड, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव भूपत देसाई, प्रदेश सचिव राजेन्द्र सांखला व नगर अध्यक्ष महेन्द्र अग्रवाल समेत कई पदाघिकारी मौजूद थे।

टेंट में छिपे सुरक्षा गार्ड
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का हेलीकॉप्टर जैसे ही हेलीपेड पर उतरने लगा तो पंखों की तेज हवा से धूल का गुबार उठा। धूल के गुबार से बचने के लिए हेलीपेड पर मुख्यमंत्री की नजदीकी सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस के गार्ड वहां लगे टेंट के पीछे छिप गए। रेत का गुब्बार थमने के बाद वे टेंट से निकलकर हेलीकॉप्टर के पास गए।

घूंघट में छिपाया चेहरा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के स्वागत के लिए हेलीपेड के पास खडी जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र की कांग्रेस प्रत्याशी संध्या चौधरी, जालोर जिला प्रमुख श्रीमती मंजू मेघवाल, आबू पिंडवाडा विधायक व सिरोही कांग्रेस की जिलाध्यक्ष गंगाबेन गरासिया हेलीपेड पर हेलीकॉप्टर से उडने वाली धूल से बचने के लिए साडी के पल्लू से मुंह छिपाती नजर आई। इस मौके उनके स्वागत के लिए खडे कांग्रेस के प्रदेश पदाघिकारी, जिलाध्यक्ष व जन प्रतिनिघि भी टेंट में घुस कर धूल के गुब्बार से बचने का जतन करते नजर आए।

जाने लगीं महिलाएं
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कुछ महिलाएं बीच में से ही उठकर जाने लगी। मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए करीब ग्यारह बजे से ही पांडाल में लोग बैठने शुरू हो गए थे। मुख्यमंत्री ने करीब ढाई बजे अपना भाषण शुरू किया। करीब साढे तीन घंटे से एक ही स्थान बैठी ये महिलाएं गर्मी व उमस से परेशान हो गई। जब मुख्यमंत्री भाषण दे रहे थे तो उस दौरान कई महिलाएं कार्यक्रम के बीच से उठकर जाने लगीं। व्यवस्था के लिए तैनात पुलिसकर्मी महिलाओं को बिठाने का जतन करते दिखे।

मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन
मुख्यमंत्री के जालोर आगमन पर विभिन्न संगठनों, संस्थाओं व ग्रामीणों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। लिखमीदास सेवा संस्थान के पदाघिकारियों ने मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन गत 20 मार्च को हुए कालूराम हत्याकांड के शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। संस्थान ने पुलिस अघिकारियों पर आरोपियों के पक्ष मेे होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच ईमानदार पुलिस अघिकारी से करवाने की मांग की। पादरू प्याऊ बावतरा के विद्यार्थी मित्र सतीश कुमार ने बकाया मानदेय दिलवाने की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जब्बरसिंह भोमिया ने पादरली गांव में पेयजल के लिए मीठा पानी उपलब्ध किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

दो जगह पर जांच
जनसभा में आने वाले लोगों की दो स्थानों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। एक मेटल डिटेक्टर स्टेडियम के मुख्य द्वार पर और दूसरा मेटल डिटेक्टर पांडाल के द्वार पर लगाया गया था। स्टेडियम में आने वाले हर व्यक्ति को जांच के बाद पांडाल में प्रवेश करने दिया गया। इसके लिए मंच के पास, हेलीपेड व सभा स्थल के पास भी कुछ गार्ड मेटल डिटेक्टर लेकर खडे थे।

सोमवार, 23 मार्च 2009

फिल्मों के माध्यम से वोट हासिल करने में जुटी कांग्रेस

Mar 22, 12:03 am

जयपुर, : कांग्रेस अब फिल्मों और इलेक्ट्रॉनिक प्रचार माध्यमों के जरिये लोकसभा चुनाव में वोट हासिल करने में जुटी है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शूटिंग की जा रही है। यह फिल्में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का प्रमुख प्रचार माध्यम हो सकती है। फिल्मों में कांग्रेस अपने कार्यालयों, यहां होने वाली गतिविधियों, गांवों और शहरों में कराए जा रहे विकास के दृश्यों को शामिल कर रही है। इस कड़ी के तहत पिछले दो दिन में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा गांधी भवन में कई दृश्य फिल्माए गए। इससे एक दो दिन पहने इस फिल्म बनाने वाली कंपनी ने जयपुर के आसपास के गांवों में भी शूटिंग की। इसमें कांग्रेस के झंडे और बैनरों का उपयोग किया गया। कंपनी को यह फिल्म बनाने के लिए कांग्रेस ने टेंडर के जरिये चुना है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में प्रचार का जिम्मा इसी कम्पनी के पास है। राजस्थान सहित अभी कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में इस कंपनी ने प्रचार-प्रसार का काम किया था। कांग्रेस ने हाल ही में दिल्ली में ऑस्कर विजेता स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म की तर्ज पर पार्टी का गीत बनवाकर सीडी जारी की है। इसमें भी कांग्रेस को आम आदमी के भविष्य को संवारने वाली पार्टी बताया गया था। यह फिल्म इन दिनों दूरदर्शन के राष्ट्रीय प्रसारण पर भी दिखाई जा रही है।





गहलोत सरकार के सौ दिन पूरे, कई घोषणाएं

Mar 22, 12:04 am

जयपुर

राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने एक सौ दिन के कार्यकाल में जहां बिजली की दरें पांच साल तक नहीं बढ़ाने और गृहकर माफी की घोषणा कर आम जनता का दिल जीतने का प्रयास किया। वहीं कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर आलोचना भी सहन करनी पड़ी। राज्य की दूसरी बार सत्ता संभालने वाले गहलोत ने 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और रविवार को उनके कार्यकाल के एक सौ दिन पूरे हो रहे हैं।

सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव में जारी किए गए घोषणा-पत्र को आधार बना कर एक सौ दिन की कार्य योजना तैयार कराई। अफसरों को घोषणा-पत्र थमाकर दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण फैसले किए। राज बदलने का अहसास कराने के लिए प्रशासन में आमूलचूल फेरबदल करने की रणनीति के तहत 24 आदेश जारी कर 180 आईएएस अफसरों के तबादले करने के साथ ही 18 आदेश निकाल कर 115 आईपीएस अधिकारियों को बदला गया। इसी तरह से राज्य प्रशासनिक सेवा के 640 अफसरों के तबादले करने के साथ ही निचले स्तर तक राज बदलने का अहसास कराने के लिए विभिन्न विभागों में तबादलों से रोक हटाई गई। तबादलों में कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं की सिफारिशें मानकर उन्हें खुश किया गया। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण करने के साथ 13 दिसंबर से राज्य सरकार ने काम करना शुरू किया। सौ दिवसीय कार्ययोजना तैयार की गई। इस बीच 2 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई। इस प्रकार सरकार को सौ के स्थान पर मात्र 80 दिन ही काम करने का मौका मिला। सरकार के सौ दिन के कार्यकाल के दौरान भाजपा के प्रमुख नेताओं व अन्य लोगों की शिकायत पर पूर्व सरकार के कामों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने पर विवाद हुआ। इसी प्रकार निजी शिक्षण संस्थाओं की ओर से शुल्क बढ़ाने पर भी कमेटी बनाई गई, जो कि तमाम विवाद के बीच अब तक निर्णय नहीं कर पाई है। सौ दिवसीय कार्यकाल के दौरान दो बार सरकार को गोली चलानी पड़ी। इस दौरान प्रमुख रूप से बसपा नेता वीरेंद्र न्यांगली की हत्या का विवाद सबसे लंबा चला, जिस पर अब भी विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा सड़क हादसों, चोरी, लूट व हत्या के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सौ दिन में सरकार में दो बार शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर 13 कैबिनेट व 11 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों को संसदीय सचिव भी बनाया गया।

उपलब्धियां

- शराब की दुकानों के खुलने का समय घटाया, धार्मिक व सामाजिक स्थलों से दुकानें हटवाईं।

- शराब की दुकानों की संख्या में कमी।

-मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष के तहत बीपीएल को निशुल्क चिकित्सा।

- किसानों की बिजली की दरें पांच साल तक नहीं बढ़ाने का निर्णय।

- 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए नए पावर प्लांट।

- गन्ना खरीद की कीमत बढ़ाई

-गृहकर माफी चुनाव बाद

- वार्षिक योजना 17300 करोड़ रुपये

- चतुर्थ श्रेणी व अन्य कर्मचारियों की। एक से छह स्केल की भर्ती पर रोक हटाई

- शिक्षा के तहत 11 जिलों में रेडियो के माध्यम से साक्षर करने का अभियान।

-16 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी।





गुरुवार, 12 फ़रवरी 2009

एपीएल परिवारों को 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं देने के निर्देश

जयपुर,
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले एपीएल परिवारों को 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं का वितरण मार्च तक के लिए किए के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख शासन सचिव ए।मुखोपाध्याय ने बताया कि विशेष आवंटित गेहूं का वितरण एपीएल परिवारों को राशन कार्ड पर निर्धारित दरों पर राज्य की उचित मूल्य दुकानों से किया जाएगा। उन्होंने इस बात की सख्त हिदायत दी है कि आवंटित खाद्यान्न का खुले बाजार में निजी स्तर पर दुरुपयोग नहीं हो। उन्होंने राज्य के समस्त जिला रसद अधिकारियों को गेहूं का शत-प्रतिशत उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुखोपाध्याय ने बताया कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विशेष आवंटित 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं में अजमेर जिले को 614 मैट्रिक टन, अलवर को 691, बांसवाड़ा को 231, बारां को 260, बाड़मेर को 45, भरतपुर को 413, भीलवाड़ा को 548, बीकानेर को 412, बूंदीको 208, चित्ताौड़गढ़ को 417, चूरू को 454, दौसा को 378, धौलपुर को 246, डूंगरपुर को 157, गंगानगर को 553, हनुमानगढ़ को 503 तथा जयपुर को 1710 मीट्रिक टन का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि जैसलमेर को 129, जालौर को 330, झालावाड़ को 323, झुंझुनूं को 530, जोधपुर को 835, करौली को 209, कोटा को 476, नागौर को 826, पाली को 583, राजसमंद को 223, सीकर को 624, सिरोही को 239, सवाई माधोपुर को 364, टोंक को 329 तथा उदयपुर को 534 मीट्रिक टन गेहूं का आवंटन किया गया है।

बांसवाड़ा में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत

जयपुर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दोबारा सत्ता संभालने के बाद पहली बार जब उन्होंने बांसवाड़ा की सरजमीं पर पैर रखा। उनके आगमन पर भव्य स्वागत से आदिवासी क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। जैसे ही मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अनास नदी के मुहाने पर बने हेलीपेड पर उतरे, हजारों ग्रामीणों ने हर्ष ध्वनि और उमंग के साथ उनकी जोशपूर्ण अगवानी की। बड़ी संख्या में ढोल-कुंडिया
,शहनाइयों और लोक वाद्यों की कर्णप्रिय गूंज और जय -जयकार के साथ उनका भावभीनी स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हाथ लहरा कर सैकड़ों ग्रामीणों का अभिवादन किया। मौका था अनासपार की ग्राम पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन की सुविधा के लिए गांगड़तलाई में अनास नदी पर बनने वाले पुल के शिलान्यास का। ग्रामीणों की बरसों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री दोपहर बाद एक बजे हेलीकाप्टर से नांगड़तलाई हैलीपेड पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ. सीपी जोशी भी थे। उन्होंने चार करोड़ 27 लाख 85 हजार की लागत से बनने वाले इस पुल का शिलान्यास किया। अनासपार की ग्राम पंचायतों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन और यातायात की सहज सुविधा के द्वार खुलने की खुशी इन ग्रामीणों के चेहरों पर साफ नजर आ रही थी। आदिवासी क्षेत्रों में गांवों और पहाड़ों से होकर आदिवासी समूहों में लोक वाद्य बजाते, गाते थिरकते हुए पहुंचे। अनास नदी के मुहाने हुए कार्यक्रम में नदी के दोनों तटों की ओर बसे गांवों के लोगों का मेला जुट गया। सभास्थल के चारों तरफ की पहाड़ियों पर भी जन समुदाय उमड़ पड़ा। पुल की सुविधा से वंचित दूसरी ओर के गांवों के ग्रामीण पानी में उतर कर नदी पार कर समारोह स्थल तक पहुंचे। मुख्यमंत्री की अगवानी प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री महेन्द्र जीत सिंह मालवीया ने की। विधायक अर्जुन सिंह बामनिया एवं कान्ता गरासिया, समाजसेवी अभय सिंह भगत, दिनेश खोड़निया सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर विकास एस.भाले तथा जिला पुलिस अधीक्षक एनएल मौर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया तथा इसके बाद दोपहर पौने दो बजे हेलीकाप्टर से बांसवाड़ा के लिए प्रस्थान कर गए

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2009

"किसानों के लिए नहीं बढेंगे 5 साल बिजली के दाम"

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऎलान किया है कि राज्य में अगले पांच सालों तक किसानों के लिए बिजली की दरों में कोई बढोतरी नहीं की जाएगी। राजधानी में धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए गहलोत ने किसानों और कमजोर वर्ग के लोागों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। 
मुख्यमंत्री ने राजस्थान में पूर्व की भाजपा सरकार के कुशासन का अंत करने के लिए एक बार फिर प्रदेश की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी सरकार है और राज्य में बेहतर शासन देगी। उन्होंने कहा कि "हमारी सरकार सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही लोगों के हितों में काम करना शुरू कर दिया है।"
लोकसभा चुनाव के लिए अपील
उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जीताने की भी अपील की और कहा कि यदि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनती है तो राज्य के हित में कई कदम उठाए जा सकते हैं। गहलोत ने राजस्थान के चहुंमुखी विकास का वादा करते हुए कहा कि "हमारी सरकार बिजली, पानी, सडक, शिक्षा और चिकित्सा समेत सभी क्षेत्रों में विकास करना चाहती है और इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है।"
सोनिया का राजस्थान से गहरा नाता
गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी का राजस्थान से गहरा नाता रहा है। राजीव गांधी के समय से ही सोनिया राजस्थान आती रही हैं और प्रदेश की जनता के हर सुख-दुख में भागीदार रही हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सूखा हो या अकाल अथवा जयपुर में आतंकवाद का दंश सभी मौकों पर सोनिया प्रदेशवासियों का दुख बांटने के लिए मौजूद रही हैं। 

सोनिया ने किया जनता की ताकत को सलाम



जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वोट की ताकत को सर्वोपरि करार देते हुए जनता की ताकत को सलाम किया। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए जनता को धन्यवाद देने जयपुर आई सोनिया गांधी ने अमरूदों वाला बाग में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि "वोट की ताकत तानाशाही और राजशाही सभी से उपर है और प्रदेशवसियों के प्रयासों से ही राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि "राज्य की जागरूक जनता ने साबित कर दिया है कि वो जाति, धर्म और आतंकवाद के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने वालों के साथ नहीं हैं। काढ की हांडी दोबारा नहीं चढती और जनता ने अपनी वोट की ताकत से इसे साबित कर दिखाया है।" उन्होंने कहा कि "कांग्रेस के लिए समाज के कमजोर वर्ग के लोगों और किसानों का हित सबसे उपर है और उनके हितों की रक्षा करना हमारा सबसे पहला लक्ष्य है।" 
काम से धन्यवाद देंगे
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस झूठे वादों से जनता को धन्यवाद नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि "हम अपने काम से जनता का शुक्रिया अदा करेंगे और हमें पूरी उम्मीद है कि हम प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।" सोनिया ने कहा कि राज्य की गहलोत सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादों को एक-एक कर पूरा करेगी। कमजोर को ताकत, किसानों के हितों का ख्याल और सभी को न्याय दिलाना कांग्रेस का फर्ज है। उन्होंने कहा कि भय और भ्रष्टाचार से मुक्त राजस्थान का निर्माण करना हमारा लक्ष्य है। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में सभी के हक का सम्मान किया जाएगा और उसकी सुरक्षा की जाएगी। 
विकास में नहीं लगा पैसा
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजस्थान की पूर्व भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि पिछले पांच सालों में केन्द्र की मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने राजस्थान सरकार को 40 हजार कारोड रूपए दिए, जो केन्द्र की पिछली एनडीए सरकार के मुकाबले चार गुणा अधिक है। लेकिन इसके बावजूद राजस्थान का चहुंमुखी विकास नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि यह पैसा इमानदारी से खर्च किया जाता तो आज राजस्थान की तस्वीर कुछ और होती। 
भ्रष्टाचार को दूर करें गहलोत
सोनिया गांधी ने कहा कि "मैं उम्मीद करती हूं कि राज्य की गहलोत सरकार राजस्थान को भ्रष्टाचार से मुक्त करेगी।" उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सभी वर्ग के लोगों अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवाओं, महिलाओं व बच्चों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इन सभी योजनाओं को पारदर्शिता से लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगी। 
लोकसभा चुनाव बडी चुनौती
कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव को चुनौती करार देते हुए कार्यकर्ताओं से जी-जान से जुट जाने का आह्वान किया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि जिस तरह से उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का झंडा बुलंद किया है उसी तरह एकजुट होकर लोकसभा सीटों के लिए भी काम करें। 
इससे पहले सोनिया गांधी दोपहर लगभग 1.15 बजे चार्टेड विमान से सांगानेर एयरपोर्ट पहुंची। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया का स्वागत किया। सोनिया यहां से हेलीकॉप्टर से अमरूदों वाला बाग के लिए रवाना हो गई। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सोनिया गांधी की प्रदेश में यह पहली रैली थी। कांग्रेस ने इसे धन्यवाद रैली का नाम दिया। रैली में राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक, विवेक बंसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक व प्रमुख नेता उपस्थित थे। 
लखी रैली
सोनिया की रैली में भाग लेने के लिए दूर-दराज के इलाकों से सुबह से ही लोगों का जयपुर आना शुरू हो गया था। अमरूदों के बाग में भारी संख्या में लोग सोनिया गांधी को सुनने के लिए आतुर नजर आ रहे थे। वहां मौजूद विशाल जनसमुदाय में भारी उत्साह था। 
शहर को लगा ब्रेक
सोनिया गांधी की रैली में शामिल होने के लिए भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक जयपुर पहुंचे हैं। लोगों की भीड के कारण जगह-जगह पर ट्रैफिक जाम है या काफी धीमी गति से आगे बढ रहा है। 
सोनिया के रंग में रंगा गुलाबी नगर
राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद सोनिया गांधी क यह पहली रैली है। इस अवसर पर गुलाबी नगर पूरी तरह से सोनिया के रंग में रंग गया है। शहर में जगह-जगह पर सोनिया गांधी के बडे-बडे बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। शहर के प्रमुख चौराहे और सडकें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के झंडे व बैनरों अटे पडे हैं। 
कार्यकर्ताओं में उत्साह
प्रदेश में शासन में आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बडी रैली के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ सोनिया गांधी का स्वागत किया। 

गुरुवार, 29 जनवरी 2009

आज जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठक

जयपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.सी.पी. जोशी के निर्देशानुसार गुरूवार को जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठक बुलाई गई है। प्रवक्ता सत्येन्द्र सिंह राघव के अनुसार जिला मुख्यालय पर होने वाली इन बैठकों में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की तीन जनवरी को जयपुर में होने वाली रैली को सफल बनाने पर विचार होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में दोपहर ढाई बजे अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। शाम पांच बजे जयपुर नगर निगम के पार्षदों की बैठक होगी। 
महिला कांग्रेस में प्रकोष्ठ
महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ममता शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.प्रभा ठाकुर के निर्देश पर संगठन में चार नए प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे। ममता के अनुसार निष्क्रिय पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों को जल्दी ही हटाया जाएगा।
हज हाउस बनेगा
जयपुर। जयपुर शहर संसदीय क्षेत्र के प्रमुख पार्टीजनों के बीच मुख्यमंत्री ने हज हाउस का मसला उठने पर आश्वस्त किया कि हमने ही हज हाउस का शिलान्यास किया था और हम ही बनाएंगे। उनका यह आश्वासन कर्बला वाले हज हाउस के लिए था। आज की बैठकों में कई कांग्रेसजनों ने पार्टी की सरकार बनने पर कार्यकर्ताओं को भी हिस्सेदार बनाने की मांग उठाई। पत्रकारों से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सी.पी. जोशी ने भी दोहराया कि निगम, बोर्ड, समितियों में कार्यकर्ताओं को स्थान मिलना चाहिए। 

मंगलवार, 20 जनवरी 2009

पीडितों की सहायतार्थ प्रकोष्ठ बनेगा

जोधपुर। मेहरानगढ मंदिर दु:खान्तिका के पीडित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार अलग से प्रकोष्ठ स्थापित करेगी। यह प्रकोष्ठ हादसे से पीडित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई और इसका निस्तारण करेगा।
यहां मानजी का हत्था स्थित राजीव गांधी स्मृति पुस्तकालय परिसर में सोमवार सवेरे भारत सेवा संस्थान की ओर से पीडित परिवारों की बेटियों को सहायता राशि के तौर पर एफडीआर भेंट करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह घोषणा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मेहरानगढ हादसे के पीडितों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। फिलहाल ऎसे परिवारों की सहायता के लिए 9 करोड 83 लाख 6 हजार 362 रूपए का राहत पैकेज तय किया गया है। इसमें से कुछ इमदाद पीडितों तक पहुंच गई है, साल के आखिर तक दीगर सुविधाएं भी दी जाएंगी।
उन्होंने बीते साल सितम्बर के आखिरी दिन जोधपुर में घटी दुर्घटना को त्रासदी की संज्ञा देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा ने भी मेहरानगढ हादसे को सदी की सबसे भयावह दुर्घटना करार दिया। 
उन्होंने इससे उबरने में सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि पीडित परिवारों की मदद करना सभी का दायित्व है। हादसे के बाद से मुख्यमंत्री गहलोत की सक्रियता की भी उन्होंने मुक्तकंठ से सराहना की। बाद में संस्था की ओर से पीडित 118 परिवारों की 171 अविवाहित बेटियों को 25 हजार रूपए की एफडीआर वितरित की गई। 

गहलोत ने साधा वसुंधरा-बैंसला पर निशाना


जोधपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व कर्नल किरोडीसिंह बैंसला गुर्जर आरक्षण के नाम पर वैमनस्य फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। गुर्जर समाज को उसका हक मिले, इस पर किसी को ऎतराज नहीं है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया से ही कुछ किया जा सकता है। 
गहलोत ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा अपनी हार पचा नहीं पा रही है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री व कर्नल बैंसला घिनौना षड्यंत्र रच रहे हैं, लेकिन जनता इसे समझ चुकी है। गहलोत ने कहा कि अफसोस की बात है कि सेना में कर्नल रह चुके बैंसला के नेतृत्व में इतने बडे पैमाने पर हिंसा हो गई। 
जिस सरकार की वजह से समाज के 71 लोग मरे, विधानसभा चुनाव में उसके समर्थन में बैंसला की अपील जारी हुई। अब भी जो किया जा रहा है, उसे जनता समझ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जातियों में संघर्ष के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी। सरकार कोशिश कर रही है कि पिछले आन्दोलन के दौरान मीणा व गुर्जर समाजों के बीच आई दरार मिटे। दोनों के बीच नजदीकियां बढे और दोनों ही जातियां भाईचारे से रह सके।
भ्रष्टाचार की जांच शीघ्र
गहलोत ने कहा कि पूवसरकार के वक्त हुए भ्रष्टाचार की जांच का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। जांच के लिए आयोग बनाने की बजाय मुकदमे दर्ज करने के पूर्व उप राष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत के बयान पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात कहने का हक है। सरकार सभी विचारों को ध्यान में रखकर फैसले करती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार बदले की भावना से कोई कदम नहीं उठाएगी, बल्कि सभी पहलुओं की जांच कर सच्चाई सामने लाएगी, कार्रवाई करना कानून और न्यायपालिका का काम है। 
कमी पिछली बार भी नहीं थी
कांग्र्रेस घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज के तौर पर लागू करने के बावजूद 2003 में कांग्र्रेस की करारी हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमी पिछली बार भी नहीं रखी थी और इस बार भी नहीं रखेंगे। वे बोले- "हमनें जो कहा है, करके दिखाएंगे।" 
नरेगा के लिए मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित नरेगा के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करेगी, ताकि वास्तविक लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
रिफाइनरी के लिए नए सिरे से बात
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि बाडमेर में रिफाइनरी के मुद्दे पर पूर्व सरकार की तरह राजनीति करने की बजाय केन्द्र से नए सिरे से बात कर रही है। यह मुद्दा कांग्र्रेस के घोषणा पत्र में शामिल है और इसके अनुरूप कोई कसर नहीं छोडी जाएगी। 
गहलोत ने सोमवार सुबह यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाल ही उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवडा से बात की है और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
बिजली उत्पादन पर जोर
गहलोत ने कहा कि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में 1350 मेगावाट की चार इकाइयां छबडा व सूरतगढ तथा निजी क्षेत्र में 1320 मेगावाट की इकाई बांसवाडा में लगाई जा रही है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गत सरकार की लापरवाही से महंगी बिजली खरीदने में तीन हजार करोड रूपए बर्बाद हो गए।
बदलेगी आबकारी नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आबकारी नीति में बदलाव किया जाएगा, ताकि यहां शराब के नशे को प्रोत्साहन की बजाय हतोत्साहित किया जा सके। शराब की दुकानें कम करने के साथ शराब के विज्ञापनों पर अंकुश व देशी-विदेशी मदिरा की बिक्री एक ही दुकान पर सुनिश्चित की जाएगी।
न्याय अवश्य मिलेगा
मेहरानगढ दुखान्तिका की जांच के सवाल पर गहलोत ने कहा कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पीडितों को न्याय अवश्य मिलेगा।
कमेटी करेगी निर्णय
आईआईटी, आईआईएम, केन्द्रीय विवि व विश्व स्तरीय विवि जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं के बारे में सरकार कमेटी बनाकर ही कोई निर्णय करेगी। केन्द्रीय विवि पर जोधपुर के दावे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए पहली आवाज खुद उन्होंने उठाई थी। 

शुक्रवार, 16 जनवरी 2009

गहलोत का राजस्थान को प्रदूषण मुक्त बनाने का आह्वान


अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की जनता से "प्रदूषण मुक्त राजस्थान" बनाने का आह्वान किया है। अजमेर से 11 किलोमीटर दूर पवित्र तीर्थ राज पुष्कर में राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के अंतर्गत पुष्कर सरोवर के संरक्षण, जीर्णोद्वार तथा सौन्दर्यकरण परियोजना के कायोंü का शुभारंभ करते हुए गहलोत ने पुष्कर सौन्दर्यकरण के कार्य को ऎतिहासिक बताया।
गहलोत ने आम जनता से पुष्कर की पवित्रता को बनाए रखन, धार्मिक क्रिया कलापों के निवर्हन तथा यहां गन्दगी न फैले इस बात के लिए जनजागृति पर जोर दिया। उन्होंने सरकार की ओर से पुष्कर के सम्पूर्ण और बहुमुखी विकास का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा ने कहा कि पुष्कर के लिए पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। देश में कुल 56 झीलों के लिए सरकार ने 772 करोड रूपए स्वीकृत किए हैं। राजस्थान में पांच झीलों के सौन्दर्यकरण का काम प्रगति पर है तथा छठी पिछौला झील के लिए 85 करोड रूपए स्वीकृत किये जा चुके हैं। 

सी.पी. जोशी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी ने हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में विधानसभा चुनाव में डाले गए दस टेंडर वोटों की गिनती के लिए आज एक रिट याचिका दायर की है। 
उदयपुर जिले के नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र से केवल एक मत से चुनाव हारने वाले डॉ. जोशी ने याचिका में दस टेंडर वोटो की गिनती कराने के लिए रिट याचिका दायर की है। डॉ. जोशी ने बताया कि कार्यकर्ताओं के दबाव में उन्होंने यह याचिका दायर की है। टेंडर वोटों की गिनती कराने के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करना जरूरी होता है। फर्जी मतदान के बाद वास्तविक मतदाता के आने पर टेंडर वोट डाले जाते हैं लेकिन उनकी गिनती नहीं की जाती। गिनती कराने के लिए न्यायालय का आदेश लेना पडता है। 

36 आईएएस अफसर बदले

जयपुर। राज्य सरकार ने गुरूवार देर रात उच्च स्तर पर भारी प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 36 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। बहुप्रतीक्षित इस तबादला सूची में राकेश हूजा को ओटीएस से हटाकर अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एवं विकास आयुक्त के पद पर लगाया गया है। किरण सोनी गुप्ता को जयपुर का सम्भागीय आयुक्त बनाया गया है। इनके अलावा उदयपुर, कोटा एवं जोधपुर के सम्भागीय आयुक्त भी बदल दिए गए हैं।
राकेश हूजा- अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास),एवं विकास आयुक्त, एस. अहमद- अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान वित्त निगम, अतुल कुमार गर्ग- प्रमुख शासन सचिव, साहित्य, कला एवं संस्कृति, एल.पी. कोठ्यारी- प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, वी. एस. सिंह- प्रमुख शासन सचिव, पर्यावरण एवं अध्यक्ष राज. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सी.एस.राजन- प्रमुख शासन सचिव, उद्योग विभाग, रामलुभाया- प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन, जन स्वा.अभियांत्रिकी, इंगानमं, जी.एस. संधु-प्रमुख शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, अशोक संपत राम- प्रमुख शासन सचिव, राजस्व, उपनिवेशन, वक्फ एवं सैनिक कल्याण विभाग, अशोक शेखर- प्रमुख शासन सचिव, न्याय विभाग, जीएस सन्धु (पदस्थापन की प्रतीक्षा से लौटने पर)- प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन एवं आवासन विभाग, आर.पी.जैन- प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा, अशोक जैन- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आर.यू.डी.ए., रोहित ब्रान्डन- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजसीको, दिनेश कुमार गोयल- प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, अशोक सिंघवी- प्रमुख शासन सचिव, प्रशासनिक सुधार, समन्वय, जन अभियोग निराकरण, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग, पुरूषोत्तम अग्रवाल- प्रमुख शासन सचिव, सिंचित क्षेत्र विकास एवं प्रमुख शासन सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन, डी.बी.गुप्ता- प्रमुख शासन सचिव, देवस्थान, ओ.पी.सैनी- प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन, मत्स्य, एवं डेयरी, डॉ.गोविन्द शर्मा- प्रमुख शासन सचिव, खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग, मुकेश शर्मा- रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग, बी.एन.शर्मा- आयुक्त वाणिज्य कर विभाग, जे.सी. मोहन्ती- आयुक्त कृषि विभाग, किरण सोनी गुप्ता- सम्भागीय आयुक्त, जयपुर, मधुकर गुप्ता, आयुक्त भू-जल विकास एवं मृदा संरक्षण विभाग, जे.पी.चंदेलिया- सम्भागीय आयुक्त, जोधपुर, राजेश्वर सिंह- प्रबंध निदेशक, हाथकरघा निगम, निरंजन कुमार आर्य- आयुक्त एवं पदेन सचिव, परिवहन विभाग, समीर सिंह चन्देल-आयुक्त, विभागीय जांच, जयपुर, सुधांश पंत-अध्यक्ष व प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम, जयपुर, अखिल अरोडा-प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान स्टेट माइन्स एवं मिनरल लि., उदयपुर, आलोक-प्रबंध निदेशक, रीको, अपर्णा अरोडा-सम्भागीय आयुक्त, उदयपुर, पी.एल. अग्रवाल-सम्भागीय आयुक्त, कोटा, नरेशपाल गंगवार-विशिष्ठ शासन सचिव, ऊर्जा विभाग,के.के. पाठक-निदेशक, सामाजिक न्याय विभाग एवं पदेन उप शासन सचिव ।
आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव(द्वितीय) श्रीमत पाण्डे का पदनाम बदल कर प्रमुख सचिव(द्वितीय) मुख्यमंत्री व प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा विभाग किया गया है। 

32 लाख में उतरेगा "भगवा"

बीकानेर । छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिल से "भगवा" रंग हटाना अब राज्यसरकार के लिए महंगा पडेगा। साइकिल निर्माता कम्पनी ने इसके लिए 32 लाख रूपए की मांग रखी है। प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में दसवीं कक्षा में पढ रही छात्राओं को भाजपा सरकार ने भगवा रंग की साइकिलें वितरित की थी। 
सत्ता बदलने के साथ ही कांग्रेस सरकार ने इनके वितरण पर रोक लगा दी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने साइकिल कम्पनी एटलस को राज्यभर में जगह-जगह रखी साइकिलों को पुन: एकत्र कर नए रंग में देने का आग्रह किया था। एटलस ने यह आग्रह स्वीकार तो कर लिया लेकिन इसके बदले 32 लाख रूपए मांगे हैं।
निदेशालय ने छह हजार वंचित छात्राओं के लिए साइकिल की मांग रखी है। कम्पनी स्तर पर ही इनका रंग बदलने के लिए अब दो सौ रूपए प्रति साइकिल अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं जबकि राज्य के विभिन्न जिलों व तहसीलों में रखी साइकिलों का रंग बदलने के लिए चार सौ रूपए प्रति साइकिल अतिरिक्त मांगे हैं। ऎसे में करीब 32 लाख रूपए का अतिरिक्त खर्च सरकार पर पडेगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कम्पनी का यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजकर स्वीकृति मांगी है। अगर शिक्षा मंत्री ने रंग बदलने की स्वीकृति दी तो प्रति नई साइकिल 2263 रूपए और पुरानी साइकिल का रंग बदलने पर 2463 रूपए लागत आएगी। अब तक प्रति साइकिल 2063 रूपए में खरीदी गई है। 

रविवार, 28 दिसंबर 2008

सरकार ने डंगस और देवासी को हटाया

जयपुर। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष सरदार सिंह डंगस व राज्य पशुपालक बोर्ड अध्यक्ष आ॓टाराम देवासी का मनोनयन समाप्त कर दिया है।
राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष शशिकांत शर्मा व आयोग सदस्यों का कार्यकाल पिछले सप्ताह समाप्त हो गया था। सरकार ने इनका कार्यक्रम नहीं बढ़ाने का निर्णंय किया है। साकाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के अधिकार सूत्रों ने यह जानकारी दी। अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग, पशुपालन बोर्ड के अन्य पदाधिकारी व सदस्यों को भी हटा दिया गया है। इनके अतरिक्त पिछली सरकार के कार्यकाल में गठित राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निवारण समिति, नि:शक्तजन संबंधी कानून के तहत गंिठत स्टीयरिंग व कार्यकारी समितियों के सदस्य तथा राइन सदस्य भी हटा दिए गए हैं। खाघ, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की आ॓र से जारी आदेश के अनुसार उचित मुल्य दुकान दुकान आवंटन सलाहकार समिति, उचित मुल्य दुकान स्तरीय सतर्कता समिति तथा खान विभाग के आदेशा अनुसार राजस्थान राज्य खनिज सलाहकार परिषद व राजस्थान राज्य खनिज सलाहकार परिषद की खान सचिव की अध्यक्षता में गठित कार्यकारी समिति के गैर सरकारी सदस्यो का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है।राज्य सरकार ने बृजभाषा अकादमी के अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र गोस्वामी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जोशी ने कहा कि लोकतंत्र का तकाजा है कि सरकार बदलने के साथ ही भाजपा राज में बोर्ड-निगमों में नियुक्त हुए लोग नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दें। 

बुधवार, 24 दिसंबर 2008

पंचायत चुनाव दलगत नहीं हों-भरतसिंह

कोटा । ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भरत सिंह का मानना है कि पंचायती राज के चुनाव दलगत राजनीति से नहीं होने चाहिए। पंचायत स्तर पर राजनीतिक विभाजन ठीक नहीं है। 
यह बात उन्होंने मंगलवार को सर्किट हाउस में जन अभावों की सुनवाई के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरपंचों की निष्ठा खुद के कार्योü पर ज्यादा है, जनता की समस्याओं को दूर करने में उनकी रूचि नहीं है। नरेगा जैसी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो जाए तो गांवों की तस्वीर ही बदल जाएगी। अभी राज का तेल झोली में ओटने जैसी स्थिति है। 
उन्होंने कहा कि कोटा जिले में नरेगा और ग्रामीण विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में कमियां है। जब तक गृह जिले की कमियां दूर नहीं होंगी पूरे राज्य की बात करना उचित नहीं होगा। 

सोमवार, 22 दिसंबर 2008

आम आदमी की है मेरी सरकार: गहलोत

Dec 20, 11:23 pm
जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि पिछली वसुंधरा राजे सरकार खास आदमी की सरकार थी। वहीं उनकी सरकार आम आदमी की सरकार है। इसलिए वे आम आदमी के हितों का ध्यान रखकर फैसले करेंगे। गहलोत ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह राजधानी जयपुर में ही होने चाहिए। केंद्र सरकार भी दिल्ली में ही स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित करती है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने संभागीय मुख्यालयों पर ऐसे समारोह मनाने की शुरुआत जिस उद्देश्य से की थी वे पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का अगला विस्तार विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद होगा। गुर्जर समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने संबंधी सवाल पर गहलोत ने कहा कि गुर्जर विधायकों ने ही मलमास के कारण कुछ दिन ठहरकर शपथ लेने की बात कही थी। अगले विस्तार में सभी समाजों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

राज्य सरकार की घोषणा का स्वागत

Dec 21, 11:17 pm
जयपुर, राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी को परंपरागत रूप से एसएमएस स्टेडियम पर करने की राज्य सरकार की घोषणा का नागरिक मोर्चा ने आभार व्यक्त किया है। कांग्रेस नेता एवं मोर्चा के संयोजक पं. सुरेश मिश्रा ने कहा कि यह जनता की जीत है जयपुर कीक जनता नागरिक एवं सामाजिक संगठनों ने परंपराओं से निर्वहन के लिए पिछली सरकार से तीन वर्षो तक संघर्ष किया है। इसी कारण बाद में न्यायालय में गए परिवादी एडवोकेट कमलेश शर्मा के परिवाद पर पुलिस अधीक्षक विशाल बंसल, ए.डी.एम. जगदीश भादु एवं एस.डी.एम. रमेश शर्मा के गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे और यह मामला न्यायालय में चल रहा है। उस समय जयपुर के जनसंगठनों ने बड़ा आंदोलन किया था। अब राजस्थान प्रदेश में कांग्रेस प्रशासन आते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय पर्व राजधानी जयपुर में एसएमएस स्टेडियम में ही मनाने की परंपरा को निर्वहन करने की घोषणा की। मिश्रा ने इस कदम को जयपुर की जनता एवं नागरिक मोर्चा के आंदोलन की जीत बताया व हर्ष व्यक्त किया।

कर्मचारियों को मिलेगा अब विशेष भत्ता

Dec 21, 11:23 pm
जयपुर, वित्ता विभाग ने एक परिपत्र जारी कर विभिन्न अधिकारियों-कर्मचारियों को छठे वेतनमान से पहले मिलने वाले विशेष वेतन को विशेष भत्तो में तब्दील कर दिया है। राज्य में छठा वेतनमान लागू करने के बाद सचिवालय सेवा सहित विभिन्न सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाले विशेष वेतन को खत्म कर दिया गया है। अब विशेष वेतन की मद में विशेष भत्ता ही मिलेगा। विभाग ने सभी सरकारी विभागों को परिपत्र भेजकर विशेष वेतन पाने वाले कर्मियों की जानकारी मांगी है। तब तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को विशेष ध्यान वेतन के नाम पर कोई राशि जारी नहीं होगी। वित्ता विभाग के पास जानकारी भेजने के बाद ही विशेष वेतन के स्थान पर विशेष भत्ता जारी होगा।