जोधपुर। मेहरानगढ मंदिर दु:खान्तिका के पीडित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार अलग से प्रकोष्ठ स्थापित करेगी। यह प्रकोष्ठ हादसे से पीडित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई और इसका निस्तारण करेगा।
यहां मानजी का हत्था स्थित राजीव गांधी स्मृति पुस्तकालय परिसर में सोमवार सवेरे भारत सेवा संस्थान की ओर से पीडित परिवारों की बेटियों को सहायता राशि के तौर पर एफडीआर भेंट करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह घोषणा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मेहरानगढ हादसे के पीडितों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। फिलहाल ऎसे परिवारों की सहायता के लिए 9 करोड 83 लाख 6 हजार 362 रूपए का राहत पैकेज तय किया गया है। इसमें से कुछ इमदाद पीडितों तक पहुंच गई है, साल के आखिर तक दीगर सुविधाएं भी दी जाएंगी।
उन्होंने बीते साल सितम्बर के आखिरी दिन जोधपुर में घटी दुर्घटना को त्रासदी की संज्ञा देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा ने भी मेहरानगढ हादसे को सदी की सबसे भयावह दुर्घटना करार दिया।
उन्होंने इससे उबरने में सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि पीडित परिवारों की मदद करना सभी का दायित्व है। हादसे के बाद से मुख्यमंत्री गहलोत की सक्रियता की भी उन्होंने मुक्तकंठ से सराहना की। बाद में संस्था की ओर से पीडित 118 परिवारों की 171 अविवाहित बेटियों को 25 हजार रूपए की एफडीआर वितरित की गई।
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1 हफ़्ते पहले

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